दुकानदारों पर नप के 42 लाख बकाया

चंबा। नगर परिषद की ओर से लीज पर दी गई दुकानों का दुकानदार किराया जमा नहीं करवा रहे हैं। इस कारण नगर परिषद के लगभग 42 लाख रुपये दुकानदारों के पास फंसे हुए हैं।
नगर परिषद की ओर से शहर में करीब 469 दुकानें लीज पर दी हुई हैं। इसमें कुछ खोखे भी शामिल हैं। इन दुकानों और खोखों का नगर परिषद को लगभग 31 लाख रुपये सालाना किराया बनता है, लेकिन कुछ दुकानदार समय पर दुकानों का किराया अदा नहीं कर रहे हैं। इस कारण बीते दो सालों से नगर परिषद के 42 लाख रुपये दुकानदारों के पास फंसे हुए हैं। 31 मार्च 2013 तक नगर परिषद को दुकानदारों से 54 लाख रुपये वसूल करना थे। इसमें 31 सितंबर तक लगभग 12 लाख की रिकवरी हुई है, जबकि 42 लाख रुपये अभी भी दुकानदारों के पास बकाया हैं। नगर परिषद की ओर से कई बार दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन दुकानदार लीज रेंट देने में आनाकानी कर रहे हैं। इस कारण नप का पैसा फंसा हुआ है। नगर परिषद की ओर से 150 रुपये से लेकर 3100 रुपये तक के रेंट के हिसाब से छोटी बड़ी दुकानें लीज पर दी हुई हैं।
खोखे वालों से नगर परिषद की ओर से प्रतिमाह 150 से 200 रुपये तक की राशि वसूल की जाती है। इसके अलावा बड़े दुकानदारों से 867 रुपये से लेकर 3100 रुपये तक किराया लिया जाता है। इस संदर्भ में नगर परिषद अध्यक्ष अनीता ठाकुर ने बताया कि जो दुकानदार लंबे समय से दुकानों का लीज रेंट अदा नहीं कर रहे हैं, नगर परिषद की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोगों के कोर्ट में केस चल रहे हैं। उन्होंने दुकानदारों को हिदायत दी है कि लीज पर ली गई दुकानों का समय पर किराया चुकता करें।
ऐसा न करने पर नगर परिषद की ओर से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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